बिल्ली रै भाग रो छींको टुटयो........... दिवाली, दिवलो, दफ्तर, नेता, अध्यक्ष अर विधायक
साप्ताहिक समाचार पत्र राजस्थान स्तम्भ और youtube channel RS NEWS रो नुवो कॉलम
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राजस्थानी भचीड़ किस्त -1 👊
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बिल्ली रै भाग रो छींको टुटयो...........
दिवाली, दिवलो, दफ्तर, नेता, अध्यक्ष अर विधायक
✍️अनिल जान्दू
कदे 'क दूध बिलाई पीज्या, कदे 'क रहज्या काचो।
कदे 'क नार बिलोवै कोनी, कदे 'क चूंघज्या बाछो।
दीयाली री रात मायं भटनेर नगरी री अंधेरो में घिरयोड़ी फूल आली पार्टी दफ्तर मायं युवा नेता जी रो दीवलो जलाणों, लड़ियां लगावणों अर आतिशबाजी करणों हजूर हाल ताई चर्चा रो विषय बन्यो रह्यो है। अर उ बात ने दो दिन पाछै प्रसारित-प्रचारित करणों भी अचंभे री बात है। चमच्चा, कड़छा तो इयां उछल रिया जिया सिरो बनावण स्यूं पेहला कड़ाही में घी कलकलावतो होवे। जिया कोई किलौ फतेह कर लियो होवे। अमावस री रात ने धौळौ के करयों आ तो ई बात स्यूं राजनीति रे दिना ने भी धौळौ कर दीनों। खैर कदी तो बिल्ली रै भाग रो छींको टुटयो। इब ई घटना रो पार्टी अध्यक्ष अर विधायक रै उपर ठीकरो फोड़णों भी ठीक बात कोनी है। क्यूं कै दान री बाछी रा कदी दांत कोनी गिणीजै। पार्टी रे एक आम कार्यकर्ता ने भी ओ फर्ज समझणों चाहीजे। खासकर उनने जो पार्टी रो बरसां स्यूं झिंडो उठा राख्यो होवे, पार्टी रे मायं बरसां तक विधायक अर मंत्री पद रो लाभ लियो होवे। किती अड़चना, किता दावेदार, कितो बिरोध पाछे भी विधानसभा चुनावाँ मायं आपरी चालती दिखा'र युवा नेता ने पार्टी रो प्रत्याशी बनायो होवे। अर सै सयूं बडी बात आ कि पार्टी दफ्तर रे जमा कन्ने घर होवे, अर लड़ियां लगावण आला पार्टी कार्यकर्तावाँ री दुकान भी घर रे सामने होवे। री बात आ सब कामां रा जिम्मेदार पार्टी अध्यक्ष री तो बे अ'बार घोड़ा बेच’र सो रेया है। अते बिरोध मायं सोवनो भी चाहिजे। खाय धणी को, गीत गावै बीरे का। इस्यो ही एक पार्टी वर्कर जणा आ बात अध्यक्ष जी रे कान मायं बताई तो बारो काळौ-पीळौ होनौ लाजिमी होवे। अब सुणों एक नूई बात फूल आली पार्टी रे मायं संगठन चुनाव नै लई राष्ट्रीय अर प्रदेश स्तर पै प्रक्रिया शुरू होगी है। पार्टी मायं बूथ स्यूं लेर राष्ट्रीय स्तर ताईं सक्रिय सदस्या ने ही पदाधिकारी बनाया जावै है। कार्यकर्ता प्राथमिक सदस्य गे सागे-सागे सक्रिय सदस्यता भी ग्रहण करण लाग रेया है । संगठन पर्व चुनाव माय बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष रे बाद प्रदेशाध्यक्ष अर फेर राष्ट्रीय अध्यक्ष बणसी। प्रक्रिया चाल पड़ी जल्द ही फूल पार्टी मायं जिलाध्यक्ष नुवो बणसी। पर ई बार इस्या-इस्या नवा और पुराना नाम सामण आवेला जिकरा आप कल्पना भी नी कर सको। कमेड़ी बाज नै कोनी जीत सके। अब आला यानि वर्तमान जिलाध्यक्ष रिपीट नी होसी। ई कारण अध्यक्ष जी रो सुस्त पड़णों लाजिमी है। लेकिन अफसोस नेता जी ई बार भी आपरी टाँग ऊपर कोनी राख सके अर बारी चिलम भरणीया, चिलम भरता ही रे ज्यासी। संगठन माय डेढ़ चावळ री खीचड़ी न्यारी पकाणी भी ऊपर ताई गलत मेसेज देवे। खाली चाबी भरण स्यू काम कोनी चाल्या करें। रही बात विधायक जी री तो सोनै गे कदी काट कोन्या लागै। गुड-खाणौ नै गुलगुलां सूं परहेज करणौ चाहिजे। फूल आली पार्टी ने समर्थन देर बे तो आपरी ऊर्जा दिन-रात लोगा रा काम करावण माय लगा रेया है। गिनाओ मत पार्टी हित मायं काम करता रेवो। दियाली, दफ्तर, दिवलो, लड़ियां आ बातां रो बाने कोई मतलब नी बे तो बारम्बार एक ही बात केवे चुपचाप बैठया रो ढक्या ढकण ना उघाड़णौ नी फेर काम बिगड़ जावेलो रो।
(लेखक राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थानी भाषा साहित्य मंच के प्रदेशाध्यक्ष और राजस्थानी मोट्यार परिषद के पूर्व प्रदेश संयोजक है।)